विशेष क्षेत्र विकास प्राधिकरण (साडा) की स्थापना मध्य प्रदेश शासन द्वारा राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र की प्रति-आकर्षण नगर परियोजना के क्रियान्वयन हेतु की गई। प्राधिकरण के मंडल का अध्यक्ष शासन द्वारा नामित होता है। इसका वित्तपोषण एन.सी.आर. योजना बोर्ड एवं मध्य प्रदेश शासन द्वारा किया जाता है। प्राधिकरण का प्रमुख दायित्व ग्वालियर पश्चिम का विकास है।
क्षेत्राधिकार एवं नियोजन
अप्रैल 2000 में साडा को ग्वालियर जिले के 28,102 हेक्टेयर तथा मुरैना जिले के 1,912 हेक्टेयर — कुल 30,014 हेक्टेयर एवं 36 ग्रामों — पर क्षेत्राधिकार प्रदान किया गया। सम्पूर्ण क्षेत्र का मास्टर प्लान तैयार किया गया और परियोजना के प्रमुख चरणों का नियोजन 2006 में पूर्ण हुआ। यह क्षेत्र पश्चिम में तिघरा जलाशय एवं सांक नदी तथा पूर्व में ए.एच.-47 (पूर्व में एन.एच.-3) से घिरा है। यहाँ की भूमि कृषि हेतु अपेक्षाकृत कम उपयुक्त होने के कारण शहरीकरण के लिए उपयुक्त मानी गई है।
विकास एवं परियोजनाएं
ग्वालियर पश्चिम में अनेक आवासीय परियोजनाएं, शासकीय कार्यालय, शैक्षणिक संस्थाएं एवं खेल परिसर स्थित हैं।
- ग्वालियर अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियम — 60,000 दर्शक क्षमता की निर्माणाधीन परियोजना।
- प्रस्तावित ग्वालियर मेट्रो, जो ग्वालियर पश्चिम को शहर से जोड़ेगी।
- साडा क्षेत्र में संचालित 7 महाविद्यालय एवं 10 शासकीय व निजी विद्यालय।
- पुलिस प्रशिक्षण विद्यालय — 500 एकड़ क्षेत्र में संचालित।
- सशस्त्र सीमा बल टाउनशिप — 37 एकड़ में स्थापित।
- तिघरा डेम पर संचालित वाटर स्पोर्ट्स सुविधा।
प्राधिकरण
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श्री अशोक शर्मा अध्यक्ष, साडा ग्वालियर -
श्री हरीश मेवाफ़रोश उपाध्यक्ष, साडा ग्वालियर -
श्रीमती अनीशा श्रीवास्तव IAS मुख्य कार्यपालन अधिकारी, साडा ग्वालियर